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करुण पुकार 😢😞

  • Aug 18, 2017
  • 1 min read

मासूम सी इक आह सिसक के पूछती है.. ग़लती हुई है किससे वाज़िब ज़वाब ढूँढती है !! कोई दया है दिखाता कोई रोष है जताता.. ये समां देख मुझको हाय! आत्मा कचोटती है !! क्या मात्रा घटी थी या आंख ही मींची थी.. खबरों की भीड़ सारी संवेदनाएं लूटती है !! लोग़ हैं तो कुछ कहेंगे ज़ख्म बेवक़्त भी खुलेंगे. माँ आंसू मत बहाना मेरी रूह टूटती है !! गोरखपुर में हुई त्रासदी अत्यंत भयावह है ।😢😢 यह एक करारा तमाचा है मानवीयता के मुख पर और उसपर हुक्मरानों द्वारा की जाने वाली धीमी कार्यवाही निंदनीय है।। इस नरसंहार पर क्या प्रतिक्रिया दूं?? सोच ही नहीं सकती क्योंकि कुछ भी कह लूं, कितना भी रोष व्यक्त कर लूं, उन घरों के दीपक फिर दीप्तमान नहीं कर सकती जो चिर-अंधकार को चले गए।।। इन पंक्तियों के माध्यम से बस यही प्रार्थना करती हूँ परमपिता परमेश्वर से कि उन मासूम रूहों को जन्नत बख्शना और उनके अपनों को बेइंतहा हिम्मत ।।। " ॐ शांतिः " " आमीन " 🙏🙏 ◆◆◆◆◆ ● Śमृति @ मुक्त ईहा © https://smileplz57.wixsite.com/muktiiha Like @ https://www.facebook.com/me.smriti.tiwari/ Follow@ https://www.instagram.com/mukht_iiha/ छायाचित्र आभार🙏 - !nterne+  


 
 
 

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